दुबई में छिपा था जयपुर अपहरण कांड का कथित मास्टरमाइंड, AGTF ने दबोचा

जयपुर
पुलिस की वर्दी पहनकर व्यापारी के अपहरण और फिरौती मांगने का मामला, इंटरपोल की मदद से करण आसवानी उर्फ कमल सिंधी जयपुर लाया गया
जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने जयपुर के चर्चित व्यापारी अपहरण और फिरौती मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करण आसवानी उर्फ कमल सिंधी को दुबई से पकड़कर भारत लाया है। आरोपी को राजस्थान पुलिस की टीम सितंबर के पहले सप्ताह में जयपुर लेकर पहुंची। यह कार्रवाई एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में AGTF द्वारा इंटरपोल और UAE की संबंधित एजेंसियों के समन्वय से की गई।
पुलिस की वर्दी पहनकर किया गया था व्यापारी का अपहरण
मामला अगस्त 2025 का है। पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त 2025 को जयपुर निवासी व्यापारी नरेंद्र नाथ दत्ता अपने घर से वैशाली नगर जाने के लिए निकले थे। उनके साथ उनका परिचित और ड्राइवर भी था। इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया।
अगले दिन परिवार को व्यापारी के मोबाइल से फोन आया, जिसमें बताया गया कि उनका अपहरण कर लिया गया है और रिहाई के बदले फिरौती की रकम मांगी गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और व्यापारी नरेंद्र नाथ दत्ता तथा उनके ड्राइवर योगेश को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मी की वर्दी पहनकर अपहरण की वारदात को अंजाम दिया था।
👮 तीन आरोपी पहले ही हो चुके थे गिरफ्तार
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने मामले में हर्ष गौतम, कनक गांगुली और अजय बेनीवाल उर्फ शाका को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, अपहरण में इस्तेमाल इनova क्रिस्टा और स्विफ्ट कार भी बरामद की गई थी।
जांच के दौरान करण आसवानी उर्फ कमल सिंधी की भूमिका सामने आई। पुलिस की कार्रवाई तेज होते ही वह भारत छोड़कर दुबई फरार हो गया।
रेड कॉर्नर नोटिस के बाद दुबई में ट्रेस हुई लोकेशन
भारत से फरार होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश जारी रखी। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) की कार्रवाई की गई और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ संपर्क स्थापित किया गया।
AGTF ने अबू धाबी स्थित इंटरपोल टीम के साथ लगातार समन्वय किया। तकनीकी और अन्य माध्यमों से आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर संबंधित जानकारी इंटरपोल को उपलब्ध कराई गई। इसके बाद UAE में आरोपी को डिटेन किया गया।
31 अगस्त को दुबई रवाना हुई पुलिस टीम
आरोपी को भारत लाने के लिए 31 अगस्त 2026 को AGTF की टीम दुबई रवाना हुई। टीम का नेतृत्व एएसपी सिद्धांत शर्मा ने किया। टीम में DSP रविंद्र प्रताप सिंह, पुलिस निरीक्षक सुनील जांगिड़ और राम सिंह नाथावत सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
कानूनी एवं अंतरराष्ट्रीय समन्वय की प्रक्रिया पूरी करने के बाद टीम आरोपी को लेकर जयपुर पहुंची
26 साल पुराना बताया जा रहा है आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, करण आसवानी उर्फ कमल सिंधी का आपराधिक रिकॉर्ड करीब 26 साल पुराना बताया गया है।
- वर्ष 2000: मुरलीपुरा थाने में हत्या का मामला दर्ज होने की जानकारी।
- वर्ष 2003: शिप्रापथ थाने में बलवा, मारपीट और घर में घुसकर हमला करने से जुड़ा मामला।
- वर्ष 2005: शिप्रापथ थाने में मारपीट, रास्ता रोकने और चोरी से संबंधित मामला।
- वर्ष 2009: मानसरोवर थाने में बलवा, मारपीट और घर में घुसकर हमला करने का मामला।
- वर्ष 2023 के बाद: बिंदायका, खोह नागोरियान और मानसरोवर थाना क्षेत्रों में अपहरण और जबरन वसूली से जुड़े मामलों में नाम सामने आने की बात पुलिस ने बताई है।
विदेश भागने के बाद भी पुलिस ने नहीं छोड़ा पीछा
कमल सिंधी के दुबई भागने के बाद भी राजस्थान पुलिस की AGTF ने उसकी तलाश जारी रखी। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय और तकनीकी निगरानी के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाया गया।
आरोपी के भारत आने के बाद अब पुलिस उससे व्यापारी अपहरण मामले, कथित फिरौती नेटवर्क और अन्य आपराधिक गतिविधियों को लेकर पूछताछ करेगी। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई न्यायालय के समक्ष होगी)
👮♂️ AGTF की कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा
राजस्थान पुलिस के लिए यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि जयपुर में वारदात के बाद विदेश भागे आरोपी को अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से वापस लाया गया है। AGTF के अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई में DIG योगेश यादव और ASP सिद्धांत शर्मा की निगरानी रही और पूरी टीम ने समन्वित तरीके से कार्रवाई की।
जयपुर | राजस्थान खबर वही, जो सच के करीब हो।











