जलभराव में डूबा गमा देवी मंदिर, सावन में श्रद्धालुओं की बढ़ी मुश्किलें

अलीगंज। सावन के पवित्र महीने में जहां श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं, वहीं अलीगंज कस्बे के मोहल्ला काजी स्थित प्रसिद्ध एवं प्राचीन गमा देवी मंदिर के आसपास जलभराव ने श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के बाद मंदिर परिसर और मुख्य रास्ते पर पानी व कीचड़ जमा होने से भक्तों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई श्रद्धालु पानी से होकर मंदिर तक पहुंचने को मजबूर हैं। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए स्थिति और अधिक कठिन बनी हुई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन में गमा देवी मंदिर में बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे समय में मंदिर तक जाने वाले रास्ते पर जलभराव और कीचड़ होना नगर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। भक्तों को किसी तरह पानी के बीच से होकर मंदिर पहुंचना पड़ रहा है। नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों में नगर पालिका परिषद के प्रति नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि मंदिर के आसपास जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी जमा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों और जल निकासी व्यवस्था की सफाई व मरम्मत करा दी जाती तो श्रद्धालुओं को इस समस्या से जूझना नहीं पड़ता। वहीं, स्थानीय लोगों ने मंदिर के विकास को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि गमा देवी मंदिर के विकास के लिए सरकार की ओर से करीब दो करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत/प्राप्त हुई थी, लेकिन इसके बावजूद मंदिर परिसर और आसपास अपेक्षित विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि विकास कार्यों और खर्च हुई धनराशि की जांच कराकर स्थिति स्पष्ट की जाए। आस्था बड़ी या व्यवस्था छोटी? सावन में गमा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। भक्तों के लिए यह मंदिर वर्षों पुरानी आस्था और विश्वास का केंद्र है। ऐसे में मंदिर तक पहुंचने के रास्ते में जलभराव की समस्या ने व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन एवं नगर पालिका से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कर मंदिर परिसर और आसपास जमा पानी हटाने की मांग की है। साथ ही मंदिर के विकास के लिए आई धनराशि से कराए गए कार्यों की जांच कराने की भी मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि श्रद्धालुओं को माता के दरबार तक पहुंचने के लिए जलभराव की परेशानी से न गुजरना पड़े, प्रशासन को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने चाहिए।

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