गणेशपुरा (मध्य प्रदेश) गांव में नदी का जलस्तर बढ़ने और उफान पर आने से पुल व रास्तों के डूब जाने की समस्या अत्यंत संवेदनशील और गंभीर है।

दतिया /गणेशपुरा (मध्य प्रदेश) गांव में नदी का जलस्तर बढ़ने और उफान पर आने से पुल व रास्तों के डूब जाने की समस्या अत्यंत संवेदनशील और गंभीर है। मुख्य समस्याएं और परिस्थितियां: आवागमन ठप्प: नदी में पानी का बहाव तेज़ होने और रास्ते के जलमग्न होने से गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया है। जोखिम भरा आवागमन: उचित पुल या सुरक्षित व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण मजबूरन खाट (खटिया) और बड़े बर्तनों (करैया/तसले) के सहारे जान जोखिम में डालकर उफनती नदी पार कर रहे हैं। जान-माल की क्षति: इस प्रकार के खतरनाक प्रयासों से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, जिससे जान-माल का नुकसान भी हो सकता है। प्रशासनिक उपेक्षा: समय पर स्थायी पुल या रपटा न बनने और आपातकालीन बचाव दल या नाव की व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। आवश्यक कदम व सुझाव: आपातकालीन बचाव: स्थानीय प्रशासन (SDM/तहसीलदार व आपदा प्रबंधन दल) को तुरंत नाव/स्टीमर और होमगार्ड के जवानों की तैनाती करनी चाहिए ताकि लोग सुरक्षित आवागमन कर सकें। सुरक्षा चेतावनी: नदी के दोनों किनारों पर पुलिस बल या बैरिकेडिंग लगाकर लोगों को गहरे और तेज़ पानी में उतरने से रोका जाए। स्थायी समाधान: बारिश का मौसम खत्म होते ही गांव को जोड़ने वाले इस मार्ग पर ऊंचे पुल (High-Level Bridge) का निर्माण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

*नवांगतुक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर श्री सूरज कुमार राय द्वारा जनपद का कार्यभार ग्रहण किया गया।*

दतिया /रतनगढ़ धाम के विकास और व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा मंथन, जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन की महत्वपूर्ण बैठक








